黄飞鸿
书名:欺诈猎人|作者:笑无语|本书类别:古言|更新时间:02:20:15|字数:3896字
一 | 据同花顺iFInD数据显示,8月26日,环渤海动力煤港口价格如下(单位:元/吨;最新更新时间:08-2616:05):品名及规格地区港口价涨跌环渤海动力煤(5500K)秦皇岛7150环渤海动力煤(5500K)黄骅港7150环渤海动力煤(5500K)天津港7150环渤海动力煤(5500K)曹妃甸7150环渤海动力煤(5500K)国投京唐港7150环渤海动力煤(5500K)京唐港7150好消息,您已获得期货T+0交易资格,马上开通&g...。 नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के बीच RPG ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुछ अरबपति इसलिए अमेरिका छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें डोनाल्ड ट्रंप पसंद नहीं हैं। उन्होंने भारत के अरबपतियों के माइग्रेशन पैटर्न पर एक गंभीर सवाल उठाया। उन्होंने इसे चिंताजनक कहा और प्रकाश डालते हुए कहां कि जहाँ भारत के कई अति-धनवान लोग लंदन और अमेरिका जैसे देशों को छोड़ रहे हैं, वहीं कोई भी भारत लौटने के लिए इच्छुक नहीं दिख रहा है।,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर गोयनका ने लिखा, "ज्यादातर अमीर भारतीय अरबपति टैक्स और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते लंदन छोड़ रहे हैं और कुछ तो अमेरिका इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें ट्रंप पसंद नहीं हैं। उनकी नजर दुबई, सिंगापुर, पुर्तगाल, स्विट्ज़रलैंड पर है... लेकिन मेरे जानने वाले एक भी व्यक्ति भारत को विकल्प के तौर पर नहीं देख रहा है। आखिर ऐसा क्यों? यही वो सवाल है जिसका जवाब हमें अपने दिल में तलाशना होगा।",अभिनेता रणवीर शौरी ने इस पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्योंकि यहाँ बहुत भीड़ है! ज़्यादा लोगों को अरबपति बनकर यहाँ से निकल जाना चाहिए!" कोटक प्राइवेट द्वारा कंसल्टेंसी फर्म EY के सहयोग से हाल ही में किए गए एक सर्वे से पता चला है कि भारत के अति-धनवानों का एक बड़ा हिस्सा माइग्रेशन के बारे में सोच रहा है। सर्वे के अनुसार, 22% अति-धनवान भारतीयों ने खराब जीवन स्थितियों, जरूरी बुनियादी ढाँचे की कमी और विदेशों में उच्च जीवन स्तर का हवाला देते हुए, देश छोड़ने की योजना बनाई है। यह अध्ययन 150 हाई नेटवर्थ वाले व्यक्तियों (UHNI) के उत्तरों पर आधारित था।,इसके अलावा, हेनले प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2025 ने भारत के भविष्य पर एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। भारत उन टॉप पाँच देशों में से एक है जो सालाना सबसे ज्यादा करोड़पति खो रहे हैं। हालाँकि भारत छोड़ने वाले करोड़पतियों की संख्या में कमी आई है।,यह भी पढ़ें: एक चिढ़ा हुआ शासनाध्यक्ष, भारत आर्थिक रूप से सक्षम होकर ही ट्रंप की चुनौतियों का सामना कर सकता है。



